कवि- हरिवंश राय बच्चन (27 नवम्बर 1907 - 18जनवरी 2003)
परिचय- हरिवंश राय बच्चन को 1976 में उनकी कवताओं के लिए पद्म भूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। छायावादी कवि हरिवंश राय जी ने प्रेम के अवसाद को अपनी क़लम से साहस मेें बदलने की पुरजोर कोशिश की है। इनकी अनेक कविताएं हैं पर मधुशाला जैसी कालजयी कविता हमारे दिल पे एक अलग पहचान बना जाती हैं।
।।।।।तू चल।।।।।
तू खुद की खोज में निकल
तू किस लिए हताश है,
तू चल तेरे वजूद की
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है
जो तुझ से लिपटी बेड़ियाँ
समझ न इन को वस्त्र तू ..
ये बेड़ियां पिघाल के
बना ले इनको शस्त्र तू
बना ले इनको शस्त्र तू
तू खुद की खोज में निकल।
तू किस लिए हताश है,
तू चल तेरे वजूद की
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है
चरित्र जब पवित्र है
तोह क्यों है ये दशा तेरी ..
ये पापियों को हक़ नहीं
की ले परीक्षा तेरी
की ले परीक्षा तेरी
तू खुद की खोज में निकल।
तू किस लिए हताश है, तू चल |
तेरे वजूद की
समय को भी तलाश है
जला के भस्म कर उसे
जो क्रूरता का जाल है ..
तू आरती की लौ नहीं
तू क्रोध की मशाल है
तू क्रोध की मशाल है।
तू खुद की खोज में निकल
तू किस लिए हताश है,
तू चल तेरे वजूद की
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है
चूनर उड़ा के ध्वज बना
गगन भी कपकाएगा ..
अगर तेरी चूनर गिरी
तोह एक भूकंप आएगा
तोह एक भूकंप आएगा
तू खुद की खोज में निकल
तू किस लिए हताश है,
तू चल तेरे वजूद की
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है।
**कुछ नई जानकारी-**
माननीय हरिवंश राय बच्चन जी की कविताएं श्रेष्ठ है,और कई बार इनकी कविताएं को अलग जगहों अलग लोगो द्वारा उनकी कविताएं की कुछ पंक्तियां याद करते हैं,और अपने भाषण को ज़ोरदार बना देते है,और नया उमंग भर देते है।
कवि हरिवंश राय बच्चन जी के पुत्र अमिताभ बच्चन जी ने उनकी ऊपर लिखी कविता अपनी पिंक मूवी जो कि 16 सितंबर 2016 को निकली थी उसमें तीन मिनट का एकालाप जो फिल्म के अंतिम क्रेडिट के दौरान चला था। अमिताभ बच्चन द्वारा सुनाई गई शक्तिशाली कविता महिलाओं को निर्णय लेने से डरे बिना अपने लिए खड़े होने और अपने व्यक्तित्व पर जोर देने के लिए प्रोत्साहित करती है। बिग बी की सुरीली आवाज महिलाओं में आत्मविश्वास जगाती है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। यह महिलाओं को उन जंजीरों का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है जो उसे एक आभूषण के रूप में वापस रखती हैं, और पुराने और रूढ़िवादी निर्णयों से अलग होने के लिए भी।
।।।।।।।।।। धन्यवाद।।।।।।।।।।।।


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